आजकल लोग नींद को भुलाकर या तो अपने कामों में लगे रहते हैं या फिर स्मार्ट फोन में व्यस्त हो जाते हैं। पोषक तत्वों, खाद्य पदार्थों और पानी की तरह ही अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।

1.अपर्याप्त नींद या यूं कहें कि कम नींद लेने के नुकसान मानसिक और शारीरिक रूप से देखने को मिल सकते हैं। यहां हम कम सोने के नुकसान बता रहे हैं।

2.कमजोर प्रतिरक्षा-कम सोने के कारण न सिर्फ प्रतिरक्षा प्रणाली, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है।नींद का इम्यूनोलॉजिकल प्रोसेस यानी प्रतिरक्षा प्रक्रिया के साथ एक मजबूत संबंध है।यदि कोई लंबे समय तक पूरी नींद नहीं लेता, तो उसे इम्यूनो डेफिशियेंसी  हो सकती है |

3. मूड में खराबी- नींद की कमी और नींद की गुणवत्ता का सीधा संबंध न सिर्फ हमारी मस्तिष्क की कार्य प्रणाली, बल्कि हमारे इमोशन यानी भावनाओं के साथ भी होता है, जिसका हमारे मूड पर भी असर पड़ सकता है|

5.मोटापे की समस्या-गातार नींद में कमी या खराब नींद की गुणवत्ता के कारण मोटापे की आशंका भी बढ़ सकती है। घंटे या उससे कम की नींद की अवधि से बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) यानी बॉडी फैट में वृद्धि होती है।

6.एजिंग की समस्या-एजिंग यानी त्वचा पर उम्र से पहले ही बुढ़ापे के लक्षण दिखना भी अपर्याप्त नींद के कारण हो सकता है।नींद में कमी होने के कारण फाइन लाइन्स, असमान पिगमेंटेशन और त्वचा की इलास्टिसिटी में कमी आ सकती है।

7. पाचन की समस्या-नींद की खराब गुणवत्ता न सिर्फ व्यक्ति को मानसिक रूप से प्रभावित करती है, बल्कि इसका असर पाचन संबंधी विकार के रूप में भी देखने को मिल सकता है।नींद की गड़बड़ी पाचन विकारों के साथ ही कई तरह के आंत संबंधी विकारों को ट्रिगर करती है।